संदेश

ऊनी कपड़ों की देखभाल कैसे करें

चित्र
 

संपादकीय January 2025

चित्र
  मै श्रीमती चेतना मालिक ,नवचेतना टीम की ओर से सभी पाठकों का अभिनन्दन करती हूँ। नवचेतना एक डिजिटल हिंदी मैगज़ीन है जिसका उद्देशय इक्कीसवीं सदी की आधुनिक नारी को और अधिक सजग , सुयोग्य व स्वालंभी बनाना है। यह हर गृहणी व कामकाजी महिला के मन का आईना है। इस मैगज़ीन में विभिन्न विषयों जैसे कुकिंग , हेल्थ , लाइफस्टाइल , होम मेकिंग , फैशन , रोजगार आदि पर सरल भाषा में जानकारी देने की कोशिश की गयी है। इसके साथ साथ कहानियों ,कविताओं व गेम्स के द्वारा पाठकों के मनोरंजन का ख्याल भी रखा गया है। इस महीने की विंटर स्पेशल अंक में पाठकों को  सर्दियों में ग्रिल पार्टी ऑर्गनाइज़  करने के ऐसे स्मार्ट तरीके बताए गए हैं , जो बचा सकते हैं आपका बहुत समय और मेहनत । हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं, जो इन सर्दियों में रखेंगे आपकी त्वचा का ख़याल ।पाठकों के साथ कुछ ऐसी सावधानियां साझा की है जो दिल के खतरे को ताल सकती है। ऊनी कपड़ो के रेख रखाव का सही तरीका भी इस अंक में बताया गया है।  इस सर्द मौसम में बनाने के लिए कुछ ख़ास रेसिपी भी इस अंक में दी गयी है। इसके साथ साथ कहानी व कविता का आनंद पाठक उठा सकत...

NavChetna Hindi Magzine January 2025

चित्र
  इस अंक में पढ़े :   संपादकीय  Jauary 2025  यहां क्लिक करें  फैशन : खतरे की घंटी है फास्ट फैशन: कपडे रीसायकल कीजिये यहां क्लिक करें  Winter Fashion Tips: सर्दियों में स्टाइलिश लुक देंगे कश्मीरी फिरन  यहां क्लिक करें रसोई से : मलाईदार खीर से भरे पतिशप्ता: बंगाली क्रेप डिलाईट यहां क्लिक करें ओडिशा की प्रसिद् नारियल सूजी काकरा पिठा रेसिपी यहां क्लिक करें झटपट और आसान चना दाल लड्डू रेसिपी यहां क्लिक करें झटपट टमाटर का सूप बनाने की विधि Tomato Soup Premix यहां क्लिक करें छोले मसाला रेसिपी Chole masala recipe यहां क्लिक करें च्वयनप्राश बनाने की विधि यहां क्लिक करें गोंद  क्या  है? गोंद लड्डू कैसे बनाए जाते हैं? यहां क्लिक करें जानकारी के बक्से में  :  जाने ऊनी कपड़ों के रख रखाव का सही तरीका यहां क्लिक करे  सर्दियों में ले बारबेक्यू पार्टी  का मज़ा Host a perfect Barbeque Party यहां क्लिक करें   Newborn Care: सर्दियों में ऐसे करें न्यू बॉर्न बेेबी की देखभाल यहां क्लिक करें सावधानियां जो बचाती हैं दिल को खतरे से यहां क्लिक करे...

ओडिशा की प्रसिद् नारियल सूजी काकरा पिठा | Suji Kakara Pitha | Semolina Kakara Pitha

चित्र
  यहाँ श्रीमती प्रतिमा जी द्वारा सूजी काकोरा  बनाने  की  रेसिपी दी जा रही है।  सूजी काकोरा ओडिशा की एक प्रसिद्ध मिठाई है, जो खासतौर पर त्योहारों में बनाई जाती है। इसे बनाने की विधि इस प्रकार है: सूजी काकोरा बनाने की सामग्री: नारियल पावडर-1 कप  सूजी-1 कप  गुड -स्वाद अनुसार इलायची पाउडर-1/4 चम्मच  ड्राई फ्रूट्स कूटे हुए -स्वादानुसार  पानी-2 कप  (आवश्यकतानुसार) तलने के लिए तेल या घी सूजी काकोरा बनाने की विधि : सबसे पहले, एक बर्तन में नारियल पावडर को हल्का सा सेंक लें ताकि वह पक जाए। अब इसमें इलायची पाउडर ,  गुड़  और पानी डालकर अच्छे से गर्म करके मिला लेंगे । थोड़ा-थोड़ा सूजी डालकर नरम आटे की तरह गूंथ लेंगे । अब आटे को छोटे-छोटे गोले बना लें और उन्हें उंगली से दबाकर थोड़ा सा  गढ़ा करके उसमें ड्राई फ्रूट्स भरेंगे और थोड़ा चपटा करके सारे बॉल बना लेंगे । इन चपटे गोलों को गरम तेल या घी में मध्यम आंच पर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें। काकोरे तैयार हैं। गर्मागर्म काकोरों का आनंद लीजिये !

कविता-धरती का स्वर्ग कश्मीर

चित्र
 क्या खूब है ये पंक्तियाँ ‘गर फिरदौस बर रुए ज़मीं अस्त; हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमीं अस्त’ पर्वतों की गोद में ये हसीन घाटियाँ , बर्फ का मुकुट और गगनचुम्बी डालियाँ । फूलों की बहार ख्वाबों का मंजर,   जन्नत की छांव और ये कश्मीर शहर । चश्मे शाही की जलधार , जैसे मन में बजाए सितार । झील के किनारे नावों की हलचल, जिसे देख मन जाए मचल-मचल । हर मोड़ पर बसी एक कहानी पुरानी, कश्मीर की सुंदरता में है मनमानी । बर्फ से ढकी मखमल सी घाटियाँ, बर्फीली चाँदनी ओढ़े ये वादियाँ । इस शहर की है एक अलौकिक छवि, बस जाए जैसे जीवन की गति । आंखों में चमक और मन में मुस्कान, पत्थरों से सजे यहाँ पुराने भवन महान । कश्मीर की रंगीनी और  कहवे की प्याली, हर फूल खिले यहां और मौसम है निराली । नीले आसमान में चाँद और तारे मुस्काते, धरती का स्वर्ग यहां हर गुल खिलखिलाते । कल-कल बहती नदी जैसे स्वप्नों का सिलसिला ,  यहाँ सूरज की किरणें बिखेरे अपना ही जलजला  हर दिल सजाए चाहत की साज, यहां की खूबसूरती में है एक राज । यह धरती का स्वर्ग प्रेम का संदेश , यहां पर जीवन है बहुत ही विशेष । -श्रीमती श्वेता सिंह

सावधानियां जो बचाती हैं दिल को खतरे से|सर्दियों में हार्ट अटैक से कैसे बचें?ठंड में दिल की सेहत का कैसे रखें ख्याल?

चित्र
              देशभर में तेज ठंड का दौर शुरू हो गया है, जिसके चलते कई शारीरिक व मानसिक समस्याएं भी सामने आ रही हैं। एक अध्ययन के अनुसार सर्दियों में हार्ट अटैक की आशंका 53% तक ज्यादा होती है, इसलिए दिल का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।    श्रीमती प्रियंका चौधरी के अनुसार ये है रोजमर्रा के जीवन की पांच सावधानियां, जो आपके दिल को खतरे से बचा सकती हैं।    1. ठंडे पानी से नहा रहे हैं तो गरम पानी पहले पैरों पर डालें, स्ट्रोक का खतरा घटेगा।  सर्दियों में ठंडे पानी से नहाना और उसकी शुरुआत सिर से करना खतरनाक हो सकता है। इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। दरअसल ब्लड सर्कुलेशन ऊपर से नीचे यानी सिर से पैर की तरफ होता है। अगर सीधे सिर पर ठंडा पानी डालते हैं तो मस्तिष्क की महीन नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं। सिर ठंडा होने लगता है, ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। ऐसे में हार्ट अटैक या दिमाग की नस फटने का खतरा रहता है। इसलिए दिमाग और शरीर का तापमान बैलेंस रखने के लिए नहाने का तरीका बदलना चाहिए। ये करें:   पानी डालने की शुरुआत पैरों, पीठ या हा...

Newborn Care: सर्दियों में ऐसे करें न्यू बॉर्न बेेबी की देखभाल

चित्र
सर्दियों में नवजात शिशु की देखभाल के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है ताकि आपके बच्चे को गर्म, आरामदायक और स्वस्थ रखा जा सके।  श्रीमती माया के अनुसार सर्दियों में नवजात बच्चों की देखभाल करने के कुछ सुझाव इस प्रकार हैं:  1. छोटे बच्चों के स्नान के लिए बहुत अधिक गरम पानी का इस्तेमाल न करें। पहले  हल्के गीले कपडे से शरीर को साफ करें और धीरे- धीरे गुनगुना पानी डालकर स्नान कराएं ।  2. नहलाने के बाद शरीर को मुलायम तौलिये से धीरे-धीरे साफ करें।धयान रखें कि गर्दन, कान और पैरों केबीच अच्छे से सफाई हो ।  3.ये ध्यान देना चाहियें कि बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाए गए साबुन और शैम्पू का ही इथतेमाल किया जाए । 4. नवजात शिशु के जन्म केबाद के पहले 6 महीने तक सिर्फ मां का दूध पिलायें क्योँकि इसमें सभी पोषक तत्व और एंटीबॉडीज होते है।   5. अगर स्तनपान संभव नहीं है तो डॉक्टर की सलाह लेकर बच्चे को अच्छा वाला फार्मूला दधू दें ।  6. जब बच्चे की आयु 6 महीने से ऊपर हो जाए तो उसे ठोस आहार जैसे दलिया , खिचड़ी , दाल का पानी , फल आदि देना शुरू करें ।  7. नवजात शिशु...

Winter Fashion Tips: सर्दियों में स्टाइलिश लुक देंगे कश्मीरी फिरन

चित्र
गर्मी के मौसम में हमारे पास स्टाइलिश दिखने के कई विकल्प होते हैं लेकिन दिक्कत तो सर्दियों में आती है। इस मौसम में स्टाइलिश दिखने के साथ-साथ सर्दी से बचना भी बेहद जरूरी होता है।इसी मौसम में सबसे ज्यादा घूमने का मन करता है। अगर इस मौसम में ठंड से बचाव नहीं किया गया तो तबियत बिगड़ने का खतरा रहता है।   ऐसे में आज हम आपको कश्मीरी फिरन के बारे में बताने जा रहे है, जिसे कैरी करके आप अपने लुक को सर्दी के मौसम में भी स्टाइलिश बना सकती हैं। वैसे तो फिरन कश्मीर में पुरुषों और महिलाओं के लिए पारंपरिक पोशाक है। पर अब ये पूरे भारत में फैल गया है और हर कोई इसे पहनना पसंद करता है। सर्दियों में खुद को स्टाइल करने का ये नया तरीका है जो कि आपके फैशन ट्रेंड में एक नया लुक जोड़ सकता है। इसे अपने कलेक्शन में इसे जरूर शामिल करें।  ठंड के मौसम में स्टाइलिश लुक के लिए जरूर ट्राई करें कश्मीरी फिरन।आइये जानते हैं कश्मीरी फिरन पहनने का तरीका और आप इसे कैसे स्टाइल कर सकते हैं।  इन चीजों के साथ स्टाइल करें फिरन फिरन के साथ आप लंबे इयर रिंग्स पहन सकती हैं। आप इसे खुले बालों और लॉन्ग हिल्स के साथ प...

जाने ऊनी कपड़ों के रख रखाव का सही तरीका| ऊनी कपड़ों की कैसे करें देखभाल |ऊनी कपडे कैसे धोएं

चित्र
ऊन एक प्राकृतिक रेशा है जो अपनी गर्माहटऔर कोमलता के लिए जाना जाता है.ऊनी कपड़ों की लंबी उम्र और गर्माहट बरक़रार रखने के लिए उनकी देखभाल करना आवश्यक है।  श्रीमती प्रिया खुशवाहां से जाने ऊनी कपड़ों के रेख रखाव का सही तरीका ,ताकि कपडे बने रहेंगे सदा नए  कपड़ों पर लगे  वाशिंग लेबल को ध्यान से पढना चाहिए और उस पर लिखे निर्देशों का पालन करना चाहिए।  गर्म कपड़ों को ठंडे पानी से धोए या फिर हल्के गुनगुने पानी का उपयोग करें।  गर्म कपड़ों को लिक्विड डिटर्जेंट से धोएं।  गर्म कपड़ों को रोजाना या बहत जल्दी-जल्दी ना धोए. जब आवश्यकता लगे तभी धोए.  गर्म कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धोने से बचे।   गर्म कपड़ों को कुछ-कुछ समय केअंतराल के बाद धूप दिखाते रहना चाहिए।  जब भी आप ऊनी कपड़ों को सुखाने जा रही हों तो उन्हें हैंगर मे लटका कर ना सूखाएं नहीं तो इससे वह स्ट्रेच  हो जाते  हैं और उनका साइज़ , शेप भी चेंज हो जाता है।  ऊनी कपड़ों को जिस भी बॉक्स में स्टोर करके रखना चाहते हैं, उसे पहले अच्छी तरह से साफ कर धूप दिखा लें। फिर बाक्स में नीम की सूखी पत्त...

सर्दियों में ले बारबेक्यू पार्टी का मज़ा |Host a perfect Barbeque Party

चित्र
हवा में ठंडक है,ऊनी कपड़े निकल रहे हैं और आपको बाजार में सर्दियों की सब्जियाँ दिखाई दे रही हैं। इसका मतलब है कि ये परफेक्ट समय है बारबेक्यू या ग्रिल पार्टी आयोजित करने का। चारकोल या कोयले से चलने वाले ये ग्रिल या बारबेक्यू सर्दी में पिज्जा बनाने, पनीर और वेजीटेबल ग्रिल करने, या चिकन-फिश ग्रिल करने के लिये परफेक्ट हैं। खास बात ये है कि इनकी कीमत हजार रुपये से शुरू है और इनको आसानी से फोल्ड करके कहीं भी ले जाया जा सकता है।  ग्रिलिंग या बारबेक्यू का विचार पहली बार में कठिन लग सकता है, लेकिन यहां कुछ सुझाव ऐसे दिए गए हैं जिनकी मदद से आप एक मजेदार शीतकालीन शाम का आनंद ले सकते हैं।   बारबेक्यू को सेट करना  ऐसी जगह चुनें जो खुली और हवादार हो ताकि आपके मेहमानों को असहज महसूस न हो। बारबेक्यू से काफ़ी मात्रा में धुआँ और गर्मी निकलती है औ र यह जरूरी है कि आपकी बारबेक्यू ऐसी किसी भी चीज़ से सुरक्षित दूरी पर होनी चाहिए जिससे आग लगने का ख़तरा हो सकता है। सही बारबेक्यू चुनें: इलेक्ट्रिक, चारकोल या गैस? ग्रिल/बारबेक्यू चुनते समय कई बातों पर विचार करना होता है, सबसे महत्वपूर्ण है आकार और ...

Patishapta recipe in Hindi मलाईदार खीर से भरे पतिशप्ता: बंगाली क्रेप डिलाईट

चित्र
यहाँ श्रीमती मौशमी घोष  द्वारा बंगाली मिठाई पातिशप्ता  बनाने  की  रेसिपी दी जा रही है।  मलाईदार खीर से भरे पातिशप्ता एक बंगाली व्यंजन है जो किसी भी अवसर के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं! सामग्री (लगभग 8-10 बनता है): बैटर बनाने के लिए : चावल का आटा- 1 कप  मैदा- ½ कप  बारीक सूजी- ¼ कप  चीनी-स्वादानुसार नमक- ½ छोटा चम्मच  पतले घोल के लिए दूध- आवश्यकतानुसार  खीर बनाने के लिए : पूर्ण वसा वाला दूध- ½ लीटर मिल्क पाउडर-1 कप  चीनी-स्वादानुसार कटे हुए मेवे-स्वादानुसार  पातिशप्ता बनाने कि विधि : आटा, चीनी और नमक को एक साथ मिला लें। पतला बैटर बनाने के लिए धीरे-धीरे दूध डालें। ढककर ½-1 घंटे के लिए रख दें। खीर बनाने के लिए दूध और मिल्क पाउडर को हलवे जैसा गाढ़ा होने तक (15-20 मिनट) धीमी आंच पर पकाएं।स्वादानुसार चीनी डालें। पूरी तरह ठंडा करें। लगभग 1 /2  से 1  घंटे बाद बैटर को हिलाएं और अगर जरूरत हो तो दूध डालें। नॉन स्टिक तवे पर घी लगाकर हल्का गर्म करें। एक करछी  बैटर तवे पर डालें, घुमाकर पतला क्रेप बनाएं। किनारे भूरे होने और सतह सूख...

कुशन कशीदाकारी भरे - कविता

चित्र
  समय है कि काटे नही कटता , मन अब मेरा कहीं नही लगता। कुछ बरस पहले तक तो वक्त ही नहीं था अपने लिए , खिंच तान कर एक दिन कशीदाकारी भरे कुशन सिये।  यह खाओ , यह मत करो , ज्यादा टीवी मत देखो , सुबह जल्दी उठना है ,कोई वक्त पर क्यों नहीं सोता ? हर समय बच्चो पर चिल्लाती कि घर गंदा मत करो , हर चीज जगह पर रखो , इधर उधर  बिखरे कुशन देखकर मेरा पारा सातवें आसमान पर होता। पूरे दिन इकट्ठी करती रहती  इन्ही शिकायतों की पोथी , जिसे पति देव के सामने परोसकर ही थी सोती।  कुछ सालों में बच्चे अपनी पढाई और नौकरी में खोने लगे , अब ये भी ओफिस से आकर खाना खाकर जल्दी सोने लगे । बहुत समय बाद घर , घर लगने लगा था , क्योंकि अब सब मेरे हिसाब से चलने लगा था।  किटी पार्टी डाली,सोशल सर्कल बनाया , अब सहेलियों के बताए सीरियल मैं देखकर खुश होने लगी थी।  कुछ साल बीते इसी दिनचर्या में , अब मुझे अपनी जिन्दगी बहुत अच्छी लगने लगी थी । अब हर चीज जगह पर रहती थी , बच्चे अपना रूम खुद ही साफ करने लगे थे । अखबार के बिखरे पन्ने भी अब सलीके से ,अलमारी के एक कोने मे लगने लगे थे । अब घर में शोर नहीं ...

कहानी -सुखी जीवन का मंत्र

चित्र
  एक महिला की आदत थी कि वह हर रोज सोने से पहले अपनी दिन भर की खुशियां और गम एक काग़ज़ पर लिख लिया करती थीं।  एक रात उसने लिखा कि मेरे पति ने कल पूरी रात जोरदार खर्राटे लिए। ये भगवान का शुक्र है क्योंकि वह ज़िंदा है और मेरे पास है ...भले ही उसकी खर्राटो की आवाज़ मुझें सोने नहीं देते...। मैं खुश हूं कि मेरे बेटे ने आज सुबह इस बात पर झगड़ा किया कि रात भर मच्छर-खटमल सोने नहीं देते यानी वह रात घर पर गुज़रता है ,आवारागर्दी नहीं करता।  मैं खुश हूं कि इस महीने बिजली,गैस, पेट्रोल, पानी वगैरह का बहुत ज्यादा बिल आया ,यानी ये सब चीजें मेरे पास,मेरे इस्तेमाल में हैं... अगर यह ना होती तो ज़िन्दगी कितनी मुश्किल होती...?  दिन ख़त्म होने तक आज मेरा थकान से बुरा हाल हो गया। पर में खुश हूँ कि मेरे अंदर दिनभर सख़्त काम करने की ताक़त और हिम्मत ऊपरवाले के आशीर्वाद से है।  मैं खुश हूं कि हर रोज की तरह आज फिर अपने घर का झाड़ू पोछा करना पड़ा। शुक्र है मेरे पास घर तो है ना... जिनके पास छत नहीं उनका क्या हाल होता होगा...? मैं खुश हूं कि इस साल दिवाली पर उपहार देने में पर्स ख़ाली हो गया........

क्या है क्रोशिया? क्रिएटिविटी, सेल्फ-एक्सप्रेशन या स्किल डेवलपमेंट ?

चित्र
  क्रोशिया एक हुकदार लगभग छह इंच लंबी सलाई को कहा जाता है जिससे ‘लेस’ या ‘जाली’ बुनी जाती है। इससे बुने काम को क्रोशिए का काम कहते हैं। कुछ सालों पहले घर-घर में क्रोशिया से बुने हुए तकिये के कवर, चादर, रुमाल, शो पीस और अन्य सामान आसानी से देखे जाते थे। बदलते वक्त और भागदौड़ भरी जिंदगी में घरों और बाजारों से क्रोशिया की बुनी हुई चीजें गायब होती चली गई। लेकिन इन दिनों एक बार फिर क्रोशिया से बने समान के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है। आज-कल क्रोशिया से बच्चों के कपड़े, तकियों के कवर , पर्स, सजावट का समान, मेजपोश से लेकर खूबसूरत और ट्रेंडी ज्वेलरी भी बनाई जा रहीं हैं। बदलते समय के साथ महिलाओं ने अपने इस शौक और हुनर को अपना बिज़नेस बना लिया है। - श्रीमती श्वेता सिंह क्रोशिया सीखने व बुनने की कोई उम्र सीमा नहीं है। 40-45 की उम्र पार करते ही लोगों को लगने लगता है कि अब उनके आराम करने का समय आ चुका है। बहुत से लोग समझने लगते हैं कि अब वह कुछ नहीं कर सकते तथा अपने छोटे से छोटे काम के लिए भी, दूसरों पर निर्भर रहने लगते हैं। लेकिन, आज हमारे समाज में कई ऐसे उदाहरण है जिन्होंने 50 की उम्र के बाद...

मलाई कोफ्ता विथ हेल्थी ट्विस्ट | मलाई कोफ्ता रेसिपी | Malai-kofta- Recipe

चित्र
  मलाई कोफ्ता का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। ये एक ऐसी रिच डिश है जिसमें आलू और पनीर से कोफ्ते बनाएं जाते हैं। कोफ्ते तैयार करने के बाद इन्हें टमाटर और मसालों से बनाई गई ग्रेवी में पकाया जाता है।  क्या आप जानते हैं कि मलाई कोफ्ता बनाते समय आप आलू के जगह लौकी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं ?  तो चलिए आज बनाते हैं मलाई कोफ्ता विद हेल्दी ट्विस्ट । इस स्वादिष्ट डिश को आप रोटी या चावल के साथ एन्जॉय कर सकते हैं। मलाई कोफ्ता की सामग्री :  1 कटोरी लौकी ( कद्दूकस की हुई )  200 ग्राम पनीर  2 चम्मच मैदा  1 टेबल स्पून हरा धनिया  2 प्याज़( बारीक टुकड़ों में कटा हुआ ) 1 टेबल स्पून अदरक-लहसुन पेस्ट  2 टमाटर ( बारीक कटी हुए ) 100 ग्राम मलाई या क्रीम  8 से 10 काजू 2 चम्मच मगज 2 चम्मच खसखस  1/2 टी स्पून हल्दी  1/2 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर  1/2 टी स्पून सब्जी मसाला  1/2 टी स्पून धनिया पाउडर  1/2 टेबल स्पून कसूरी मेथी 2 बड़ी इलायची  4 से 5 लॉन्ग  5 से 6 हरी इलायची  10 से 15 काली मिर्च  1 तेजपत्ता  स्वा...

Diya Malik corners glory in U -16 Tennis National Series organised by All India Tennis Association

चित्र
  Hyderabad: Telangana’s Diya Malik bagged a singles title in the Under-16 AITA TSTA National Series Tennis Tournament 2023  that was conducted at Sania Mirza Tennis  Academy, Moinabad on  Saturday 24-06-2023 . She whipped past top seed  Savitha Bhuvaneswaran ( 4-6 ,7-5,7-5 )  in the girls’ singles final round of the AITA U -16 National Series. Results (all finals) :  Boys Singles :  Arnav Bishoyi (TS) def. Anurag Shourya Kallambella (KA) 6-1 , 6-2 . Girls Singles : Diya Mallik (TS) def. Savitha Bhuvaneswaran (TN) 4-6 , 7-5 ,7-5 Boys Doubles :  Srikar Doni / Anurag Shourya K (KA) def. Kaushik Arun Kumar (KL) / Sharan Somasi (KA) Walk Over Girls Doubles :  Savitha Bhuvaneswaran (TN) / Rishita Bokka (TS) def. Shreya Pathare (MH) / Moksha Dhananjay Tenneti (AP) 6-1 5-1 Ret.

Mango pickle recipe | आम का अचार रेसिपी | घर पर अचार बनाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल

चित्र
भारतीय खाने को पसंद किया जाता है उसके खास जायके की वजह से । हमारा भारतीय खाना काफी मसालेदार और चटपटा होता है और इसके साथ परोसे जाने वाले अचार और चटनी इसे और भी स्पेशल बना देती हैं ।  आम सिर्फ गर्मी में ही होता है । इसी वजह से गर्मी के मौसम में बाजार कच्चे आमों से भरे होते है । लोग अपने घरों में आम का अचार बनाकर साल भर तक उसके स्वाद का मजा लेते हैं ।  इस अचार को खास बनाता है उसमें डाले जाने वाला  अचारी मसाला CLICK HERE  । घर पर कैसे बनाएं आम का अचार सामग्री: कच्चा आम ( टुकड़ों में कटा हुआ) - 5 किलो  मैथी - 250 ग्राम   सौंफ - 250 ग्राम  नमक - 250 ग्राम  हल्दी - 125 ग्राम  लाल मिर्च - 125 ग्राम  कलौंजी - 60 ग्राम  सरसों का तेल - लगभग 1.5 लीटर  आम का अचार बनाने की विधि: (1) कच्चे और अच्छे गूदे वाले आम बाजार से ले आइये और इन को साफ पानी से धो कर टुकड़े कर लीजिए । (2) फाकों में अच्छे से नमक लगाकर रात भर के लिए रख दें । ऐसा करने से आम की फाकों का अतिरिक्त पानी निकल जाएगा । (3 ) अगले दिन छान कर फाकों में से पानी अलग कर दें औ...

Achari Masala Recipe | अचारी मसाला पाउडर रेसिपी

चित्र
भारतीय खाने का जायका बढ़ाने में अचार बहुत काम आता है। अगर आपको आम और लाल मिर्च का अचार पसंद है तो , आज हम आपको बताएंगे कि घर पर अचार का मसाला कैसे तैयार किया जाता है । आप इसे न केवल अचार बनाने में बल्कि किसी भी सब्जी में अचारी फ्लेवर देने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं ।  इस अचारी मसाले का इस्तेमाल आप अचारी आलू , अचारी पनीर , अचारी परांठा , अचारी पेठा , अचारी गोभी , अचारी पनीर टिक्का , अचारी बैंगन और अचारी भिन्डी बनाने के लिए भी कर सकते है। 5 किलो आम के अचार के लिए मसाला बनाने की सामग्री / Ingredients :  मैथी - 250 ग्राम   सौंफ - 250 ग्राम  नमक - 250 ग्राम  हल्दी - 125 ग्राम  लाल मिर्च - 125 ग्राम  कलौंजी - 60 ग्राम  अचारी मसाला बनाने की विधि: (1)  सभी मसालों को एक बड़े थाल में रखकर धूप में सुखा लें । ऐसा करने से मसाले जल्दी रोस्ट हो जाएंगे । ( 2 ) गैस पर कड़ाही रखें और धीमी आंच पर सौंफ और मैथी को 1 से 2 मिनट तक भून लें । ध्यान रहे ये जलें नहीं वरना कड़वे हो जाएंगे । (3)  आंच बंद कर दें और गरम कड़ाई में कलौंजी डाल दे ।  (4) स...

झटपट और आसान चना दाल लड्डू रेसिपी

चित्र
त्योहारों पर मेहमानों को अपने हाथों से बनी मिठाई खिलाने का एक अलग ही मजा है। इसलिए आज हम चने की दाल के ऐसे लड्डू बनाने जा रहे हैं जिन्हे एक बार बनाकर खाएंगे तो , बाजार के मोतीचूर के लड्डू भूल जाएंगे ।  तो आप भी इस आसान रेसिपी से चना दाल के लड्डू बनाएं और अपने परिवार के साथ इसका आनंद लें । चना दाल लड्डू के लिए जरूरी सामग्री :  चना दाल - 1 कटोरी घी - 1 कप (तलने के लिए ) हरी इलाइची - 5-6, दरदरी कुटी हुई चीनी - 1 कटोरी खरबूजे के बीज - स्वादानुसार बादाम की कतरन - स्वादानुसार खाने वाला रंग - एक चुटकी चना दाल लड्डू बनाने की विधि : 1 . चना दाल को अच्छी तरह धोकर 4 घंटे के लिए भिगो दें।  2.  उसके बाद सारा पानी निकालकर मिक्सर जार में डालकर दरदरा पीस लें और  इसे एक बाउल में निकाल लें। 3. अब पैन में 1 कप घी डालकर गर्म करें । घी मध्यम-तेज गर्म होना चाहिए । गरम घी में दाल के  पकौड़े पलट - पलट कर गोल्डन ब्राउन होने तक तल लीजिए । 4. तलने के बाद इन्हें एक प्लेट में तोड़कर ठंडा होने के लिए रख दें।  5. ठंडा होने के बाद इन्हें मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें। इस तरह चूरमा ब...

गणेश चतुर्थी | गणेश चतुर्थी व्रत क्यों मनाया जाता है? | 10 दिनों तक क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी? | गणेश चतुर्थी की कहानी क्या है?

चित्र
  गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भारत के विभिन्न भागों में ,खासतौर  से महाराष्ट्र में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर  भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है।  गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस दिन मंदिरों, पंडालों से लेकर घर-घर में भगवान  गणेश   की मूर्ति स्थापित की जाती है। साथ ही पूरे 10 दिनों तक उनकी पूजा अर्चना की जाती है।  गणेश चतुर्थी की कथा : पहली कथा : एक पौराणिक कथा के अनुसार  माता पार्वती ने स्नान करने से पूर्व अपनी मैल और उबटन  से एक बालक को उत्पन्न करके उसे अपना द्वार पाल बनाया। जब शिवजी ने प्रवेश करना चाहा , तब उस बालक ने उन्हें रोक दिया। इस पर भगवान शंकर ने क्रोधित होकर अपने त्रिशूल से उस बालक का सिर काट दिया। इससे  माता पार्वती क्रुद्ध हो उठीं और उन्होंने प्रलय करने की ठान ली। उन्हें शांत  करने के लिए , शिवजी के आदेश  पर विष्णु जी उत्तर दिशा में सबसे पहले...