सावधानियां जो बचाती हैं दिल को खतरे से|सर्दियों में हार्ट अटैक से कैसे बचें?ठंड में दिल की सेहत का कैसे रखें ख्याल?
देशभर में तेज ठंड का दौर शुरू हो गया है, जिसके चलते कई शारीरिक व मानसिक समस्याएं भी सामने आ रही हैं। एक अध्ययन के अनुसार सर्दियों में हार्ट अटैक की आशंका 53% तक ज्यादा होती है, इसलिए दिल का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
श्रीमती प्रियंका चौधरी के अनुसार ये है रोजमर्रा
के जीवन की पांच सावधानियां, जो आपके दिल को खतरे से बचा सकती हैं।
1. ठंडे पानी से नहा रहे हैं तो गरम पानी पहले पैरों पर डालें, स्ट्रोक का खतरा घटेगा।
सर्दियों में ठंडे पानी से नहाना और उसकी शुरुआत सिर से करना खतरनाक हो सकता है। इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। दरअसल ब्लड सर्कुलेशन ऊपर से नीचे यानी सिर से पैर की तरफ होता है। अगर सीधे सिर पर ठंडा पानी डालते हैं तो मस्तिष्क की महीन नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं। सिर ठंडा होने लगता है, ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। ऐसे में हार्ट अटैक या दिमाग की नस फटने का खतरा रहता है। इसलिए दिमाग और शरीर का तापमान बैलेंस रखने के लिए नहाने का तरीका बदलना चाहिए।
ये करें: पानी डालने की शुरुआत पैरों, पीठ या हाथ आदि से करें। सर्दियों में अधिकतम 5 से 10 मिनट ही नहाएं। इससे त्वचा ड्राई होने से बचेगी।सर्दियों में गुनगुने पानी से ही नहाएं। पानी बहुत ज्यादा गर्म भी नहीं होना चाहिए, इससे आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है।
सर्दियों में जब आप नींद में होते हैं तो धमनियां संकुचित होती हैं और रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है। ऐसे में उठते ही तुरंत दिनचर्या में लग जाने से बीपी बढ़ सकता है, जिससे चक्कर, बेहोशी से लेकर दिल का दौरा पड़ने तक का खतरा भी रहता है। इससे स्ट्रेस हार्मोन जैसे कार्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जो दिल पर दबाव डाल सकता है।
ये करें: आंख खुलने के बाद कुछ मिनट बिस्तर पर रहें। हाथों को स्ट्रेच करें। पैरों को नीचे करके हिलाएं। कुछ देर बैठें, इसके बाद बिस्तर छोड़ें।
3. हीटर लगातार न चलाएं, नमी के लिए कमरे में बाल्टी भरकर रखें।
हीटर की गर्मी हवा की नमी को सोखने के साथ ऑक्सीजन का स्तर कम कर देती है, साथ ही कार्बन मोनो-ऑक्साइड बढ़ा देती है। जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है। डिहाइड्रेशन से खून गाढ़ा हो जाता है और दिल को खून पंप करने में दिक्कत होती है। ऐसे में सर्दियों में हीटर या ब्लोअर जैसे उपकरणों से घर को जरूरत से ज्यादा गर्म रखना नुकसानदायक हो सकता है।
ये करें: हीटर लगातार न चालू रखें। नमी के लिए कमरे के कोने में बाल्टी भरकर रख दें।
4. अगर ऊनी कपड़े पहनकर सोते हैं तो पहले सूती कपड़े पहनें।
ऊन के रेशों में छिपा हीट कंडक्टर शरीर से निकलने वाली गर्मी को कपड़ों के अंदर ही लॉक रखता है। इस स्थिति में शरीर का ऊपरी तापमान कम हो जाता है और अंदरूनी तापमान रेगुलेट नहीं हो पाता है, जिससे रात में 7-8 घंटे तक शरीर का तापमान ज्यादा रहता है। इससे लो बीपी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसका असर दिल की सेहत पर भी पड़ता है।
ये करें: ऊनी के नीचे सूती या रेशमी कपड़े पहनें। ढीली व पतली स्वेटर
पहन सकते हैं।
अमेरिकन सेफ्टी एंड हेल्थ इंस्टीट्यूट के अनुसार अधिक सर्दियों में किसी भी दबाव और अधिक मेहनत वाली एक्सरसाइज को लगातार 15 मिनट से ज्यादा नहीं करना चाहिए। दरअसल लगातार एक्सरसाइज से शरीर का तापमान तेजी से बदलता है, जिससे दिल पर विपरीत असर पड़ सकता है।
ये करें: हाइड्रेट रहें। अचानक कपड़े हटाकर एक्सरसाइज न करें। शरीर में पर्याप्त गर्माहट आने तक गर्म कपड़े पहनें। ब्रेक लेते रहें।

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