women entrepreneurship | महिला उद्यमिता

 


    हर साल अंतराष्ट्रीय महिला दिवस आते ही सब जगह महिला सशक्तिकरण और लिंग-समानता की बातें होने लगती है। परन्तु , women entrepreneurship /महिला उद्यमिता के  बिना लिंग-समानता  व  माहिला- सशक्तिकरण की  कल्पना  भी नही की  जा  सकती है। 

WOMEN ENTERPRENEURSHIP  एक  ऐसी  प्रक्रिया है  जिसमे किसी माहिला द्वारा उद्योग स्थापित किया जाता  है  | वह  माहिला  न  केवल  अपना  पैसा  निवेश  करती  है,  बल्की  दूसरो  को  रोजगार के  अवसर भी प्रदान करती है |
WOMEN ENTREPRENEURSHIP अपने आप मे एक बहुत  बडा  और  विस्तृत  विषय है |चलिये  , आज हम इसे  सरल  भाषा में  समझने  की  कोशिश  करते हैं  |

हमारे देश में  WOMEN ENTERPRENEURSHIP की  ज़रुरत  क्यूँ   है ?

(1) हमारे  देश की आर्थिक  गातिविधियो  में  हम  माहिलाओ  का योगदान  केवल  25% है  | देश  के  विकास  के  लिए  ज़रूंरी है  कि  अधिक  से  अधिक  माहिलाए देश  मे  हो  रही  आर्थिक  गातिविधियो  मे भाग  ले  |

(2) आज हर कोई आर्थिक रुप  से  स्वतन्त्र व  सुरक्षित  होना  चाहता  है  | आर्थिक  रुप  से  स्वालम्भी  होने  पर  एक महिला को अपने  निर्णय लेने  का  हक़  मिल सकता है। 

(3) परिवार  में  अपनी  पहचान  बनाने  के  लिए |

(4)WOMEN ENTREPRENEURSHIP के  माध्यम से माहिलाएं पैसा  कमा  सकती  है। उसे  अपनी  छोटी छोटी  इच्छाओ  के लिए दुसरो  पर निर्भर नही  रहना पड़ता  |

(5) परिवार को आर्थिक सहयोग  दे  सकती  है।

(6 ) घर में खाली  बैठने  से  अपने  अंदर  हीन  भावना  पैदा  होती है | इससे  बचने के लिए  अपना कुछ काम  शुरू  करना ज़रूरी  है |

नौकरीपेशा  होने  पर  घर  व  नौकरी  के  बीच  सन्तुलन बनाना  बहुत  कठिन हो  जाता  है। यही  वजह  है कि  शादी  के  बाद या  बच्चे  होने  के  बाद परिवारिक  ज़िम्मेदारियों  को  निभाने  के  लिए  नौकरी  को  अलविदा  कहना  पड़ता  है। यदि  आप  घर  संभालने  के  साथ  साथ  एक  सफल  कैरियर भी  बनाना  चाहती  है तो उद्योग  से  बेहतर  विकल्प  कोई  हो  ही  नही  सकता  |

आइये देखे  कि  women entrepreneurship नौकरी  से  बेहतर  कैसे  है ? 

(1) अपने रोजगार  मे  आप खुद अपनी  बॉस  हो  |आप अपनी  शर्तो  पर काम  कर  सकती है। आपको  अपनी  मर्जी  व समय के अनुसार  काम करने  की  आजादी  मिलती  है।

(2) यदि  आपके  पास  शैक्षिक योग्यता  व अनुभव  की  कमी  है,तो  भी  आपके  पास  अपने  लिए  कुछ  करने  का  मौका  है |

(3) उद्योग  के  माध्यम  से  आप  परीवार के अन्य   सदस्यो को भी व्यवसाय  प्रदान  कर  सकती है।

(4) नौकरी  में  कमाई सीमित  होती है |जबकि उद्योग  के  माध्यम  से  आप अपनी  कमाई हजारों  से  शुरू  कर के  लाखो  तक   पहुंचा सकती   हैं |

(5) नौकरी  के  विपरित व्यवसाय  शुरू  करने  की  कोई  उम्र सीमा  नही  है  | कोई  भी  माहिला  परिवार  की  ज़िम्मेदारियों को  पूरा  करके,  50 साल  की  उम्र  में  भी  अपना व्यवसाय  शुरू  कर  सकती  है। ज़रुरत है तो केवल  एक  बढ़िया  आईडिये  और  मेहनत  की  |


आप सोच रहे होगे की उद्योग में निवेश करने के लिए पैसे की आवश्याकता भी तो है |इसका भी एक हल है |
एक सर्वे  के  अनुसार  हमारे  देश  में  अधिकतर महिला  संचालित  कम्पनिया छोटे  पैमाने पर है और उन में  से  तकरीबन 79% सेल्फ  फाइनेस्ड हैं | ऐसा  इसलिये  है  क्योकि हम  महिलाओ में  अपने हक़  व  अधिकारो  के प्रति  जागरुक्ता की  कमी  है  | हम  नही जानते  कि आज  भारतीय  सरकार  ने देश  के  आर्धिक  विकास  में  वीमेन एंटरप्रेन्योर्स की  भूमिका  को  समझा  है  और  महिलाओ को  व्यवसाय  के क्षेत्र में  सहायता  देने के लिए  कई  योजनाए  चलाई हैं।
यदि कोई महिला खुद का काम शुरू करना चाहती है तो बैंक , आसान किश्तों पर लोन की सुविधा उपलब्ध कराते है। इन लोन की सहायता से महिलाये आत्मनिर्भर बन कर अपना जीवन -यापन कर सकती हैं। 
आइये , कुछ  महत्वपूर्ण और आसान योजनाओं के बारे में जानते हैं। 
(1) वैभव लक्ष्मी योजना :
 इस योजना का लाभ अपना कोई काम शुरू करने की लिए महिलाओं को मिलता है। लोन के लिए महिला को बैंक में प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करना होती है। इस दौरान महिला को एक गारंटर भी देना होता है। इस आसान लोन स्कीम के तहत महिलाएं अपने घर का सामान भी खरीद सकती हैं।

(2) प्रधानमंत्री मुद्रा स्कीम योजना :
महिलाओं के लिहाज़ से ये योजना काफी लाभकारी है। इस आसान स्कीम का लाभ किसी भी बैंक से लिया जा सकता है।  इसमें महिलाओं को 50 हज़ार से 1 लाख तक का लोन आसानी से बिना गारंटर के मिल जाता है।
 इसके अंतर्गत लघु उद्योगों को 10 लाख रुपए तक लोन दिया जाता है।

(3) महिला उद्योग निधि योजना :
पंजाब नेशनल बैंक और स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) द्वारा पेश की गई, यह योजना महिला उद्यमियों को 10 वर्षों में चुकाए जाने वाले 10 लाख तक के लोन उपलब्ध  कराके एक नया लघु उद्योग स्थापित करने के लिए सहायता करती है।

(4) स्टैंड अप इंडियाः
अप्रैल, 2016 से इसकी शुरूआत हुई। इसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाता है कि हर ब्रांच से कम से कम एक अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति और एक महिला को बैंक से लोन (10 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए तक) मिले। 3 साल  तक कोई  इंस्पेक्शन नही  होता  और टैक्स में  भी  छूट  मिलती  है।

(5) e- हाट  योजना  :
ये  योजना  महिला  व बाल  कल्याण विकास  मंत्रालय द्वारा चलाई जा  रही  है |ये  योजना महिलाओ को  ऑनलाइन  मार्किट उपलब्ध  कराती है  जिसमे  महिलाए आपनी द्वारा  बनायें  गए  सामान  को  बेच  कर  अच्छा  मुनाफा  कमा  सकती  है।

आईये  , अब  जानते  हैं  कि वे  कौन  से  लघु उद्योग  हैं  ज़िन्हे महिलाए घर बैठे  शुरू कर सकती है और नौकरी से ज्यादा  पैसा कमा सकती है: 

(1) पहली श्रेणी  में  वे  रोजगार हैं, जो आप अपने घर से या किराये की दूकान लेकर शुरू कर  सकती  है।
जैसे - ब्युटी पार्लर ,
कपडे सिलना ,
बच्चो के लिए  ट्युशन क्लासेस ,
होबी  क्लासस - डांस , म्यूजिक ,पैंटिग , योगा ,जुम्बा ,सिलाई- कढाई ,बेकरी इत्यादी  |

यदि  आप महानगरो में  रहती हैं , तो ड़े - केयर सेंटर  व  टीफिन सर्विस  के द्वारा भी पैसा कमा सकती है।

(2) दुसरी  श्रेणी में  आता है, चीजे बनाना व  बेचना  | जैसे  - सजावट का  सामान  , मोम्बत्ती , अगरबत्ती , चाकलेट ,पापड , आचार , चिपस , नमकीन ,बेकरी आईटम , इडली डोसा बेटर , पेपर बैग ,ग्रीटींग कार्ड , बच्चो के  खिलौने  , जवेलरी इत्यादी |
यह  सूची  अंतहीन  है |आप  अपना  सामान  सीधे घर से बेच सकती  हैं य़ा  दुकानो  में  स्पलाई कर  सकती है। आप अपना  सामान  आनलाईन भी  बेच  सकती है।

(3) तीसरी श्रेणी में  आते  हैं,  इंटरनेट के  माध्यम  से किये  जाने वाले  व्यापार। आज  इंटरनेट ना  सिर्फ  एंटरटेनमेंट बल्की  पैसा कमाने  का  एक  अच्छा  साधन बनता  जा  रहा है। यदि आपको  कमप्यूटर एवं इंटरनेट की  अच्छी  समझ है  तो  आप  कई  सारे  व्यपार  कर  सकती  है। जैसे  -

BLOGGING/ब्लॉगिंग : लिखने  की  शौकीन  महिलाएं अपना  खुद  का  ब्लॉग  बना  कर  अच्छी  कमाई कर  सकती  है।  Blog में  आप अपनी  पसंद  के  किसी  भी  विषय  पर  जानकारी  लिख कर  पोस्ट  कर  सकती है।  जैसे - फेशन , ब्यूटी , खानपान  , सेहत  इत्यादी। यदि आपको लिखने का शौक है तो फ्री-लांसर Content Writer 
भी बन सकती है। 

Social Media Influencer : यदि आप सोशल मीडिया इस्तेमाल करती हैं और आप Facebook, Instagram और  Youtube आदि पर खाली  समय  में  अपने ज्ञान को  विडीयो के  माध्यम  से  लोगो  तक   पहूँचा सकती  है। ऐसे में Video के ज्यादा Popular होने पर आपको Social Media के माध्यम से Earning प्राप्त हो सकेगी। गृहणियों  के  लिए ये कमाई का  बहुत  ही  अच्छा  माध्यम  है। परन्तु धयान रखें कि वीडियो बनाते समय किसी कि प्राइवेसी , सिक्योरिटी और इमोशन्स के साथ समझौता न हो। 

ONLINE BUISENESS/ऑनलाइन  बिज़्नेस : होल सेलर से  समान  लेकर  घर  में  रख  सकती  है  और फिर  अमेज़ॉन या फ्लिपकार्ट  जैसी ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स के  माध्यम से  बेच  सकती  है।

AFFILIATE MARKETING/एफिलिएट मार्केटिंग :एफिलिएट मार्केटिंग आप  अपने  ब्लॉग ,इंस्टाग्राम य़ा यूट्यूब  चैनल द्वारा कर  सकती   हैं | इसमे आप किसी  और  कम्पनी के  उत्पाद  का विज्ञापन  कर सकती है और  मुनाफा  कमा  सकती है।

ऑनलाइन क्लासेज :आप आनलाइन टयूशन व कोर्सेस द्वारा भी  पैसा  कमा  सकती  है।
आज न केवल महिलाओं के लिए बाकि पुरुष ,बच्चे -बूढ़े सभी के लिए घर से ही रोजगार शुरू करने  के कई तरीके है।
  अब समय आ गया है की आप अपनी सोच का दायरा बढ़ाए , एक बढ़िया बिज़्नेस प्लान बनायें और असफलता की चिंता किये बगैर आगे बढे। याद रखे -
एक ही चीज़ है........  जो शुरुआत करके असफल होने से बदतर है .....वो है ..   शुरुआत न करना। 





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