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Chole masala recipe

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यह छोले मसाला पाउडर ( Chole masala recipe) की रेसिपी श्रीमति संतोष बलहरा द्वारा दी जा रही है। हर व्यंजन को ख़ास बनाने के लिए एक ख़ास मसाले की जरूरत होती है। पर कुछ मसाले ऐसे होते हैं, जिन्हें हम कई रेसिपीज के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे कि छोले मसाला । इसका इस्तेमाल आलू की तरीदार सब्जी,अन्य करी और दाल को बनाने में भी होता है। ऐसा क्यों न हो , आखिरकार इसका स्वाद ही इतना अनोखा है । छोले मसाला  बनाने की सामग्री : धनिया (Coriander seed)- 30 ग्राम जीरा (Cumin seed)- 30 ग्राम अनारदाना - 20 ग्राम  सौंफ( fennel seeds ) - 10 ग्राम  अजवाइन -10 ग्राम  आमचूर -10 ग्राम  सौंठ -10 ग्राम  सूखे लहसुन की कलियां -8 से 10  हींग 1/4 -चम्मच  काली मिर्च ( black pepper)- 10 ग्राम दालचीनी( cinamon ) -  1 टुकड़ा  काला नमक( black salt) - 10 ग्राम ( नमक डालने से मसाला लंबे समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं ) बड़ी इलायची( black cardamom) - 2 लौंग  (cloves)- 8 से 10 जायफल (Nutmeg)- 1/4 पीस लाल मिर्च  (red Chillies)-8 से 10(आवश्यकता अनुसार तीखापन पाने के लिए मि...

41,541 ऊनी टोपियां बुनकर AFWWA ने रचा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड | AFWWA ने ऊन से बनी रंग-बिरंगी टोपियों के सबसे बड़े प्रदर्शन के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

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 नई दिल्ली, 15 अक्टूबर AFWWA  यानि वायु सेना पत्नी कल्याण संघ ने शनिवार को 'निटाथॉन' अभियान के तहत 41,541 ऊनी टोपियां बुनकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यह कार्यक्रम AFWWA की 52वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था। AFWWA  की अध्यक्ष श्रीमती नीता चौधरी ने बताया कि ये टोपियां AFWWA के लगभग 3,000 सदस्यों द्वारा  , विशेष अभियान 'निट्टाथॉन' के हिस्से के रूप में , चार टन ऊन का उपयोग करके बुनी गई थीं । ये अभियान 15 जुलाई को शुरू हुआ और 15 अक्टूबर तक चला  । टोपियां सर्दियों से पहले  जरूरतमंद लोगों को वितरित की जाएंगी ।  वर्षगांठ मनाते हुए, वर्धमान ऊन से बनी रंग-बिरंगी   टोपियों को सभागार परिसर के हरे-भरे लॉन में  घास तथा अस्थायी लकड़ी के तख्ते पर प्रदर्शित करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। प्रत्येक टोपी में एक नंबर टैग भी लगाया गया। रंग-बिरंगी  टोपियों  से जमीन पर 'KNITTATHON 2022' और '41,541' बनाने की व्यवस्था की गई थी। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने सभागार परिसर का दौ...

घर पर बनाएं गुड़ चूरमा के लड्डू | चूरमा के लड्डू बनाने का तरीका

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त्योहारों पर मेहमानों को अपने हाथों से बनी मिठाई खिलाने का एक अलग ही मजा है। इसलिए आज हम ऐसे लड्डू बनाने जा रहे हैं जिन्हे एक बार बनाकर खाएंगे तो , बाजार के लड्डू भूल जाएंगे ।  तो आप भी इस आसान रेसिपी से गुड चूरमा लड्डू बनाएं और अपने परिवार के साथ इसका आनंद लें ।   गुड़ चूरमा के लड्डू , गेहूं के आटे में गुड़ और सूखे मेवे को मिलाकर तैयार किये जाते हैं।  इस रेसिपी को आप आसानी से घर पर बना सकते हैं. गुड़ चूरमा के लड्डू रेसिपी : गुड़ चूरमा लड्डू की सामग्री: गेहूं का मोटा आटा – 1  कप गुड़ – 1/2 कप घी ( मोयम के लिए) - 1 /4 कप घी ( तलने के लिए ) - आवश्यकता अनुसार  दूध -1 /2 कप  पिसी हुई हरी इलायची -  4 से 5 बादाम और काजू की कतरन और किशमिश  – 1/4 कप चूरमा के लड्डू बनाने का तरीका :  1 )  एक बड़ा बाउल और गेहूं का आटा लें और इसमें  घी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद इसमें धीरे-धीरे  दूध डालते हुए आटा गूंथ लें और आटे की लोई/मुट्ठी बना लें।  2 ) इसके बाद एक पैन गरम करें और इसमें घी डालकर  गरम  करें। घी...

खतरे की घंटी है फास्ट फैशन | सस्टेनेबल फैशन ही है एकलौता विकल्प | कपडे रीसायकल कीजिये

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  फास्ट फैशन : सरल भाषा में कहें तो फास्ट फैशन एक ऐसा नया ट्रेंड है जो लेटेस्ट डिजाइन को लोगों तक जल्दी और कम दामों में पहुंचाता है। यह स्टाइलिश दिखने का एक सस्ता विकल्प है। जो लोग  महंगे कपड़े नहीं खरीद सकते ,पर ट्रेंड में रहना चाहते है , ये उनके लिए वरदान है। कपड़े की क्वॉलिटी कम रहने के कारण  उसके दाम भी कम होते हैं। नया सीजन आते ही बाज़ार  नई सेल और नई  कलेक्शन  से भर जाता है। सेल के लालच में हम बिना जरूरत के खरीददारी शुरू कर देते है। लोग अब शादी-ब्याह या त्यौहार पर ही नहीं बल्कि हर मौसम में, हर मौके पर नए कपड़े खरीदना पसंद करते हैं।  लोगों का ज्यादा ध्यान सस्ते दामों में बिकने वाले कपड़ों पर  है  जिसे वे थोड़े समय इस्तेमाल कर फ़ेंक  सकते  है। इससे काफी कपड़ा बर्बाद होता है । हर 10  में से 6  कपड़े एक साल के अंदर कूड़े के ढेर में चले जाते हैं। फास्ट फैशन फॉलो करने के चक्कर में हमने जो कपड़ों के कूड़े का ढेर तैयार किया है वो कभी खत्म ना होने की श्रृख्ंला में शामिल हो चुका है। रोजाना बदलन...

हिंदी कविता महंगाई डायन खाय जात है | काव्य के रंग डा. विकास बुधवार के संग | hindi poem on inflation

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एक तरफ बढ़ती हुई महंगाई और बेकारी ,दूसरी तरफ आम इंसान की हर रोज की जरूरतें । इन दोनों के बीच में पिसते हुए आम इंसान की हालत का अंदाजा क्या वे लोग कभी लगा पाएंगे, जो सालों से यह दावा करते आ रहे हैं के वे महंगाई को घटा देंगे? क्या इंसान हर दौर में इसी तरह महंगाई से लड़ता और जूझता रहेगा ? यहां डा. विकास बुधवार द्वारा लिखी कविता प्रस्तुत की जा रही है।  महंगाई डायन खाय जात है  अखबारों ने कीमतों की नई फेहरिस्त लगाई है, गृहस्ती महंगाई का फिर से रोना रोकर आई है।  आंखें नम ,जेबे खाली, तबीयत कुछ घबराई है, महंगाई इतनी बढ़ी , खुद महंगाई शरमाई है।  तेल भराने गए कार में, सोच रहे हैं खड़े-खड़े, यह कार की तेल भराई है या जेब की शामत आई है।  महंगाई से लड़ने में ताकत तो खूब लगाई है, बेकारी का हमला ऐसा, थोड़ी बहुत कमाई है।  रोटी का निवाला मुंह तक आते आते ठहर गया, भूखे पेट ख्याल आया, क्या बच्चों ने रोटी खाई है।  जमीन से ज़मीर तक सब कुछ तो बिकता है यहां, वाह रे कलयुग, आत्मा बिकने की नौबत आई है।  कोशिश है गरीबों को गरीबी रास आने लगे, असल तो महंगाई ही इस दौर की सच्च...

दूध के फायदे | कौन-सा दूध आपके बच्चे के लिए सबसे सही है

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दूध हजारों वर्षों से मानव आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा हैं और इसकी वजह है इसमें मौजूद पोषक तत्व और उनसे शरीर को होने वाले फायदे । इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी न्यट्रिएंट्स होते हैं। दूध हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देता है। दूध हमारे शरीर के अंदर बहुत से पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है। हड्डियों से लेकर दांतों तक और शरीर के विकास में एक अहम रोल अदा करता है। कौन सा दूध आपके बच्चे के लिए सबसे सही है ? आमतौर पर भारत में लोग दो तरह के दूध का इस्तेमाल करते है। पहला लोकल डेयरी के जरिए मिलने वाला कच्चा दूध। यह डेयरी सीधा पशुओं का दूध घरों तक पहुँचाते हैं।  दूसरा होता है पैकेट वाला दूध जो आसानी से आस पास की दुकानों से मिल जाता है। यह तीन प्रकार का होता है। टोंड, डबल टोंड और फुल क्रीम दूध। आपके लिए यह जानना जरूरी है कि कौन-सा दूध आपके लिए सबसे सही है। कच्चे दूध के शुद्ध होने पर बल्कि इसकी गुणवत्ता पर भरोसा करना थोड़ा मुश्किल है। कच्चे दूध का उत्पादन आमतौर पर ग्रामीण इलाकों से शहरी क्षेत्रों तक किया जाता है। इस दौरान कुछ बातें हैं जो इसे सवालों के घ...

सार्थक शर्मा और दीया मलिक ने चैंपियनशिप सीरीज टूर्नामेंट में एकल खिताब पर जमाया कब्जा

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  नई दिल्ली :  सार्थक शर्मा और  दीया मलिक ने शुक्रवार को  बैद्यनाथ प्रसाद टेनिस अकादमी, नई दिल्ली में संपन्न हुए AITA CS7 अंडर-18 टेनिस टूर्नामेंट में लड़कों और लड़कियों के एकल खिताब  जीते। लड़कों के फाइनल में सार्थक शर्मा ने आयुष को मात दी। हालांकि, लड़कियों के फाइनल में, दीया मलिक ने अनीशा शिव कुमार को 6-2,6-2 से हरा कर चैंपियनशिप सीरीज टूर्नामेंट में एकल खिताब पर कब्जा जमा लिया। शिवम देवम और सचिन राणा 6-2, 6-3 से इजहान अशफाक और प्रथमेश राज सिंह  को हरा कर चैंपियनशिप सीरीज टूर्नामेंट में डबल्स के विजेता बने। लड़कियों के डबल्स टूर्नामेंट में प्रिशा प्रसाद और साक्षी चौधरी  6-4,6-3 से अनीशा शिव कुमार और प्रणीत कौर को हरा कर विजेता बनी ।