दांत की संरचना | Tooth structure | क्यों जरूरी है रूट कैनाल ट्रीटमेंट ?

Maxx Dental and Health Clinic मैक्स डेंटल एंड हेल्थ क्लिनिक के डा. नितीश सिंह बहुत ही सरल भाषा में दांत की संरचना को समझाते हुए कहते है कि दांत दो भागों से बना होता है:

१. क्राउन दांत का वह भाग होता है जो मुँह में दिखाई देता है।

२. रुट (यानि जड़ ) जबड़े की हड्डी तक फैली होती है जो दांत को सही जगह पर फँसाये रहती है।

हमारे दाँतों में तीन परतें होती हैं:

 इनमें से दो परतें सॉलिड होती हैं जो चबाने में सहायक होती हैं।इनेमल (enamel) दांत के बाहर की मज़बूत परत होती है।डेंटाइन (dentine) थोड़ा नरम पदार्थ होता है जो इनेमल (enamel) को सहारा देता है और ज्यादातर दांतों को आकार लेने में मदद करता है। 

तीसरी और निचली परत मुलायम होती है।यह दाँत का सबसे निचला नरम हिस्सा  "दाँत का पल्प" कहलाता है जो एक सोफ्ट टिश्यू है। इसमें नसें और छोटी ब्लड वेसल्स होती हैं। यह पल्प क्राउन के साथ-साथ रूट कैनाल में भी मौजूद होता है। 

रूट कैनाल एक ट्यूब होती है जो दाँतों के जड़ में मौजूद होती है। 

दाँतों में सड़न का प्रभाव :

दाँतों में सड़न की वज़ह से जब दाँतों के बाहरी दो परतें में बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो जाता  हैं, तो इससे आपके दाँत के पल्प में भी इन्फेक्शन हो सकता है। अगर बैक्टीरिया पल्प को संक्रमित करता है तो यह खत्म होना शुरू हो जाएगा। इसके बाद बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने लगेगी। बैक्टीरिया जो पदार्थ छोड़ेंगे वो छोटे छेद के रास्ते रूट कैनाल (root canal) के अंदर  नसों और छोटी ब्लड वेसल्स तक चले जाएंगे।

अगर बैक्टीरिया को रूट कैनाल के अंदर जाने से  रोका नहीं जाता तो यह प्रक्रिया जारी रहती है। जिसके कारण दांत के चारों ओर के टिश्यू  लाल हो जाते हैं और उनमें सूजन हो जाती है। यह आपके दांत में दर्द का कारण बन सकता है। रूट कैनाल के अंदर के संक्रमण को ठीक करने के लिए बैक्टीरिया को खत्म करना ज़रूरी है। जो दो  प्रकार हो सकता है:

१. दांत निकालकर 

२. रूट कैनाल ट्रीटमेंट से दांत को बचाकर , रूट कैनाल (root canal) से बैक्टीरिया खत्म करना  

डॉक्टर नितीश सिंह आपको रूट कैनाल ट्रीटमेंट कराने की सलाह देते हैं, जिसे आरसीटी के नाम से जाना जाता है। यह दाँतों में इन्फेक्शन से बचाने के लिए एक कारगर उपाय के रूप में सामने आया है। 

रूट कैनाल उपचार के बारे में और जानें।


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डा नितीश सिंह बताते है कि आपके डेंटिस्ट द्वारा रूट कैनाल उपचार दो या तीन अपॉइंटमेंट में किया जा सकता है।ये उपचार दर्दनाक नहीं होता क्योँकि उपचार शुरू करने से पहले दाँत को दवा से सुन्न कर दिया जाता है। 

आपका डेंटिस्ट दांत के बीच  में ,पल्प तक जाने के लिए ऊपर की ओर जो समतल भाग होता है उसे क्राउन से खोलेंगे। फिर वहां बचे हुए संक्रमित पल्प को हटा देंगे।रूट कैनाल उपचार में जब एक बार बैक्टीरिया हटा दिए जाते हैं तो रूट कैनाल को भरकर दांत को  फिलिंग से बन्द कर दिया जाता है। ज्यादातर मामलों में दांत में सूजे हुए टिश्यू  प्राकृतिक रूप से ठीक हो जाते हैं।

जब आप रूट कैनाल उपचार करवा रहे हों और जब तक आपका उपचार पूरा नहीं हो जाता, तब तक कठोर भोजन को चबाने या काटने से बचें। 

उपचार पूरा होने पर दाँत को नए क्राउन से ढक दिया जाता है। क्राउन एक कैप होता है जो दाँत में दोबारा से इन्फेक्शन होने की संभावना को  99.9 % कम कर देता है। डा नितीश सलाह देते है कि  हमेशा मेटल फ्री जिर्कोनिआ( Zirconia ) क्राउन ही लगवाएं। जिर्कोनिआ क्राउन बिलकुल असली दाँत के जैसा दिखता है। मौखिक स्वछता का ध्यान रखने से क्राउन 10 -15 साल चल सकता है। 

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