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बैंगन के फायदे और नुकसान |बैंगन भरता रेसिपी | बैंगन का भरता

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कई बार आपने लोगों को ये कहते सुना होगा कि बैंगन "बे-गुण " होता है पर अपने भोजन में बैंगन को शामिल करना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है । आईये  जाने कैसे-   बैंगन के फायदे :   1. बैंगन में अत्यधिक मात्रा में क्लोरोजेनिक एसिड होता है, जो कि मजबूत एंटीऑक्सीडेंट एजेंट के रूप में काम करता है।  बैंगन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान और तनाव से भी आपको बचाते हैं।  2. बैंगन में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता, बल्कि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होने के कारण बैंगन हार्ट के लिए भी अच्छा होता है  3. साथ ही यह ब्लड प्रेशर व डायबिटीज में फायदेमंद है, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। 4.  बैंगन में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और फाइबर भरपूर होता है, जो वजन कम करने में मदद करता है। इसकी कम मात्रा लेने पर भी पेट जल्दी भर जाता है और आप ओवर इटिंग से बच जाते हैं। 5. बैंगन में विटामिन ए, सी, ई, बी-2, बी-6 के साथ-साथ आयरन और जिंक मौजूद होते हैं जो प्रतिरोधक क्षम...

मसाला चाय | chai masala powder recipe | masala tea powder | chai ka masala in hindi

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मसाला चाय इलायची, अदरक, दालचीनी और काली मिर्च सहित कई सामग्रियों का मिश्रण है।अपने स्वाद और सुगंध के कारण मसाला चाय भारत में बेहद लोकप्रिय है । मसाला चाय विभिन्न प्रकार की बीमारियों को रोक आपको स्वस्थ रखती है।  मसाला चाय के लाभ :  सबसे बड़ी पहली फ्लश बिक्री   0 नया चाय के प्रकार संग्रह उपहार चाय की थैलियां काला हरा सफेद दार्जिलिंग असम चाय बिक 1. मसाला चाय को बनाने में कई मसालों का उपयोग किया जाता है, जिसमें सबसे प्रमुख अदरक और लौंग है।  यह सूजन को कम करती है।    2 .दालचीनी और लौंग रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।  3. इलायची, तुलसी और लौंग  पाचन प्रक्रिया में मदद करती है।  4. काली  मिर्च मसाला चाय का मूल घटक है इसमें  एंटीऑक्सीडाइजिंग गुण होते हैं।  5. लौंग और इलाइची का उपयोग स्वाभाविक रूप से उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर से लड़ता है।  यह प्लाक के गठन को कम करता है जो हृदय रोग की ओर ले जाने वाली रुकावटों का कारण बनता है।  मसाला चाय में मौजूद तत्व रक्तचाप और हृदय गति को नियंत्रित रखते हैं। 6.    मसाला चाय के मजब...

गोंद क्या है?| विभिन्न प्रकार की गोंद |गोंद खाने के फायदे | गोंद लड्डू कैसे बनाए जाते हैं?

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गोंद  क्या  है?    पेड़ के तने जब रस निकलने लगता है और ये सूख जाता है तो गोंद बन जाता है. सूखने पर ये भूरा रंग का और काफी कड़ा हो जाता है. यह  पौष्टिक होता है। उसमें उस पेड़ के ही औषधीय गुण भी होते हैं। आप जिस पेड़ का गोंद खाएंगे उसके औषधीय गुण भी गोंद में आते हैं.  दवाओं की बाइंडिंग में भी गोंद मदद करता है. विभिन्न प्रकार की गोंद-  कीकर या बबूल का गोंद- ज्यादातर लोग बबूल का गोंद ही इस्तेमाल करते हैं. ये बहुत पौष्टिक होता है.  नीम का गोंद- अगर आप नीम के गोंद का सेवन करते हैं तो इससे खून की गति बढ़ती है और स्फूर्ति आती है. इसे ईस्ट इंडिया गम भी कहते हैं। इसमें भी नीम के औषधीय गुण होते हैं। पलाश का गोंद- हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए पलाश के गोंद का उपयोग किया जाता है. पलाश के 1 से 3 ग्राम गोंद को मिश्री वाले दूध या आंवले के रस के साथ खाने से बल और वीर्य की वृद्धि होती है आम की गोंद -  गोंद को गरम करके फोड़ों पर लगाने से पीक पककर बह जाती है और घाव आसानी से भर जाता है।आम को गोंद को नींबू के रस में मिलाकर चर्म रोग पर लेप किया जाता है। हींग गोंद...