हिंदी कविता : हमारी वाटिका

  
हमारी ये वाटिका है ,
पंच तत्वों का मेल ।
जल की नन्ही - नन्ही बूंदे  रच  रही ,
इसके फव्वारों  में  खेल  |

चहकती चिडियों  से  भरा  है,
इसका  ये नीला  आकाश  ।
सुर्य भी  लूटा  रहा ,
हम सब  पर अपना प्रकाश  |

चल  रही  ठंठी हवा ,
हरी पत्तियों  को जगाने लगी  |
घरती की  कोख  में  कोमल घास भी ,
जैसे  कोई  गीत  गाने  लगी  |

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