गुड टच बैड टच | बच्चों को बताएं हर स्पर्श का मतलब, ताकि यौन शोषण का शिकार न होने पाएं
बच्चों को हर स्पर्श का मतलब बताएं , ताकि वे यौन शोषण का शिकार न होने पाएं
अकसर जब बच्चे लंच नहीं खाते है तो , पैरेंट्स फिक्रमंद होते है और रोज पूंछते भी है कि आज लंच खाया कि नहीं । लेकिन अब उनसे यह भी पूंछना भी जरुरी हो गया है कि बस ड्राईवर ने तुम्हें कुछ कहा तो नहीं । जब टॉयलेट जाते हो तो वहाँ तुम्हारें साथ कौन होता है ? स्कूल में कोई परेशान तो नहीं करता ?
जिस तरह आप अपने बच्चे को खाना खाने, कपड़े पहनने और अन्य सभी चीजों की अहमियत सिखाती हैं , उसी तरह उन्हें हर स्पर्श का मतलब समझाना भी जरूरी है । ताकि भविष्य में वे कभी किसी के द्वारा यौन शोषण का शिकार न होने पाएं।
(1) 2 साल से 5 वर्ष की उम्र के बीच बच्चों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बारे में शिक्षित करना चाहिए।
(2) बच्चों से खुलकर बात करे । बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार रखे कि वह आप से हर बात शेयर करें । अगर उससे कुछ गलत भी हो जाए , तो वह भी आपको बता दे । अगर कोई बोलता है कि यह हमारे बीच का सीक्रेट है । यह बात अपने मम्मी पापा को नहीं बताना तो , ऐसी बात बच्चे को अपने मम्मी पापा को जरुर बताना चाहिए ।
(3) उसके मन को पढने की कोशिश करें । बच्चों के साथ जब भी कुछ गलत होता है तो उनके व्यहार में परिवर्तन देखने को मिलता है । बच्चे में हो रहे किसी भी सामान्य या जटिल बदलाव को गंभीरता से ले ।
(4) अगर बच्चे की पढने – लिखने, खेलने – बोलने आदि सामान्य आदतों में किसी प्रकार का परिवर्तन दिखाई पड़ें तो उससे धैर्य के साथ बात करें । उससे जानने की कोशिश करे कि घर या बाहर उसे कोई परेशानी तो नहीं है ।
(5) बच्चों को childline number के बारे मे भी पता होना चाहिये । Child line 24 घंटे चलने वाली मुफ्त , emergency राष्ट्रीय फ़ोन सेवा है ।
(6) बच्चो को अपना नाम, माता – पिता का नाम, घर का पता और एक या दो फोन नंबर जरुर याद होना चाहिए ।
(7) बच्चे को समझाएं कि अनजान व्यक्तियों के साथ कही भी ना जाएँ और न ही उनकी कोई दी हुई चीजे ले ।
(8) अगर किसी की गोद में जाना अच्छा नहीं लगता तो वे साफ़ – साफ़ मना कर सकते हैं । ये कोई बदतमीजी की बात नही है।
अपने बच्चों को समझाए कि टच यानी स्पर्श तीन तरह का होता है :
(1) गुड टच
(2) बैड टच, और
(3) नो टच
गुड टच : आपके घर वाले, आपके दोस्त, करीबी रिश्तेदार या आपके टीचर्स, जिन पर आप भरोसा कर सकते हैं , उनका आप को छूना, आपको अच्छा लगता है । उसे गुड टच कहते हैं ।
गुड टच हाथ मिलाना , साथ में ताली बजाना या अपने परिवार, दोस्तों और करीबी रिश्तेदारों के गले लगना भी हो सकता है ।
बैड टच : ये ऐसा टच होता है , जिससे आपको बुरा लगता हो। डर लगता हो या शर्मिंदगी महसूस होती हो। जैसे कि - किस करना , चियोंटी काटना , प्राइवेट पार्ट्स को छूना और बच्चे से कहना कि इस बात का जिक्र किसी के सामने ना करें।
नो टच : आप सभी अपने बदन के कुछ हिस्सों को अंडरगारमेंट से ढकते हों। जब आप स्विमिंग सूट पहनते हो , तो आपके बदन का जो हिस्सा कपड़े से ढका होता है , वह प्राइवेट पार्ट्स है। किसी को भी उन प्राइवेट पार्ट्स को छूने नहीं देना है । अगर कोई छूने की कोशिश करें तो , जोर से नहीं-नहीं चिल्लाना चाहिए और आपके भरोसेमंद लोग , जैसे कि आपके पापा - मम्मी या आपके परिवार के किसी करीबी रिश्तेदार के पास दौड़कर जाना चाहिए।
बच्चे को विपरीत परिस्थिति में , मदद हासिल करने के तरीकों के बारे में बताएं ।
अपने बच्चों को समझाए कि अगर उन्हें कोई गलत तरीके से छूए य़ा इस तरह का बर्ताव करे कि उन्हें अच्छा ना लगे , तो वह वयक्ति ठीक नहीं है ।
अपराधी करीबी रिश्तेदार हो सकते हैं, उनके स्कूल में कोई भी व्यक्ति हो सकता हैं , या आस पडोस के लोग भी हो सकतें है ।
दुर्व्यवहार करने वाला , आदमी पुरुष या महिला भी हो सकते है।
वह बच्चे को न केवल मानसिक , बल्कि शारीरिक हानि भी पहूँचा सकता है।
बच्चों को समझाए कि इस परिस्थिती मे उनको क्या करना है ताकि भाविष्य में पछताना ना पडे कि इसे रोका जा सकता था।
अपने आप को किस्मत के भारोसे ना छोड़ कर उसे अपने लिए खुद लड़ना है।
जी हाँ , ये सब रोकने के लिए सही समय पर सही कदम उठाना पड़ेगा । खेल खेल में उसे सिखाए कि जब भी ऐसी परिस्थिती हो , तो बच्चे को तीन बाते याद रखनी होगी :
(1) NO
(2) GO
(3) TELL
NO - मतलब मना करना है । उस व्याक्ति को तुरंत मना करो । रोको और ना कहो । ये तुम्हारा शरीर है और तुम्हे ना बोलने का हक़ है ।
GO - मतलब भागो और उस जगह से दूर किसी सुरक्षित जगह चले जाओ जहां और भी लोग हो ।
TELL- मतलब जिस बड़े व्याक्ति पर उन्हें भारोसा हो , उसे ये बात ज़रूर बताओ । जैसे - मम्मी ,पापा , दादा , दादी य़ा टीचर ।
बच्चो को ये हौसला दो कि ये उनकी गलती नहीं है कि उन्हें किसी ने गलत तरिके से छुआ । ये उसकी गलती है जिसने ऐसा किया । अगर आप सही हो तो किसी से डरने की जरुरत नहीं है ।
खामोश ना रहें, चुप्पी तोड़ें
यह घरवालों की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताएं ताकि बच्चों के शोषण को रोका जा सके।
टीचर्स को चाहिए कि वे स्कूल में नियम से वर्कशॉप लगाएं ताकि बच्चों को इस बारे में जानकारी मिले।
बच्चों का हौसला बढ़ाएं ताकि वे अपने साथ हुई घटना को खुलकर बताएं और तुरंत रिपोर्ट कराएं ।
हर नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि वह अपनी आने वाली नस्लों के लिए , एक सुरक्षित समाज का निर्माण करें।
अगर कोई आपके बच्चे को असुरक्षित तरीके से छूता है , तो 1098 पर डायल करे । ये Child line 24 घंटे चलने वाली मुफ्त , आपातकालीन राष्ट्रीय फ़ोन सेवा है ।
आपका बच्चा य़ा उसका कोई दोस्त भी यदि इस स्थिति में फंसा हो तो उसकी मदद करे । ये ना सोचे कि हमे क्या लेना देना । इस सोच से कई ज़िन्दगी पल भर में तबाह हो जाती है और आपरधियो के ईरादे बुलंद हो जाते हैं । इनके बढते हौसलो का शिकार हमारे अपने भी हो सकते हैं ।
अतः अपराध के खिलाफ एकजुट होकर खडे रहना हमारी ज़िम्मेदारी ही नही कर्तव्य भी है । आपका एक कदम किसी की जान बचा सकता है।
आपका बच्चा य़ा उसका कोई दोस्त भी यदि इस स्थिति में फंसा हो तो उसकी मदद करे । ये ना सोचे कि हमे क्या लेना देना । इस सोच से कई ज़िन्दगी पल भर में तबाह हो जाती है और आपरधियो के ईरादे बुलंद हो जाते हैं । इनके बढते हौसलो का शिकार हमारे अपने भी हो सकते हैं ।
अतः अपराध के खिलाफ एकजुट होकर खडे रहना हमारी ज़िम्मेदारी ही नही कर्तव्य भी है । आपका एक कदम किसी की जान बचा सकता है।

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