दूध के फायदे | कौन-सा दूध आपके बच्चे के लिए सबसे सही है
दूध हजारों वर्षों से मानव आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा हैं और इसकी वजह है इसमें मौजूद पोषक तत्व और उनसे शरीर को होने वाले फायदे । इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी न्यट्रिएंट्स होते हैं। दूध हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देता है। दूध हमारे शरीर के अंदर बहुत से पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है। हड्डियों से लेकर दांतों तक और शरीर के विकास में एक अहम रोल अदा करता है।
कौन सा दूध आपके बच्चे के लिए सबसे सही है ?
आमतौर पर भारत में लोग दो तरह के दूध का इस्तेमाल करते है।पहला लोकल डेयरी के जरिए मिलने वाला कच्चा दूध। यह डेयरी सीधा पशुओं का दूध घरों तक पहुँचाते हैं।
दूसरा होता है पैकेट वाला दूध जो आसानी से आस पास की दुकानों से मिल जाता है। यह तीन प्रकार का होता है। टोंड, डबल टोंड और फुल क्रीम दूध।
आपके लिए यह जानना जरूरी है कि कौन-सा दूध आपके लिए सबसे सही है।
कच्चे दूध के शुद्ध होने पर बल्कि इसकी गुणवत्ता पर भरोसा करना थोड़ा मुश्किल है। कच्चे दूध का उत्पादन आमतौर पर ग्रामीण इलाकों से शहरी क्षेत्रों तक किया जाता है। इस दौरान कुछ बातें हैं जो इसे सवालों के घेरे में लेते हैं। जैसे-
क्या पशुओं का दूध निकालते समय साफ सफाई का ध्यान रखा गया ?
दूध निकालने के लिए पशुओं को कोई मेडिसीन या इंजेक्शन तो नहीं दिए गए?
घरों तक पहुंचाने वाले बर्तनों की साफ सफाई ठीक से की गई या नहीं ?
ये कुछ बातें लोकल डेयरी से लिए दूध की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगा सकती है । यदि आपका खरीदा हुआ दूध इन सभी पैमानों पर खरा उतरता है, तो आपके बच्चे की सेहत लिए फायदेमंद है वरना आपके परिवार के लिए यह नुकसानदायक भी हो सकता है।
इसके अलावा अगर बात करें पैकेट बंद दूध की, तो यह पाश्चुरीकृत और होमोजिनाइज़ दूध है। यानी इस दूध को तैयार करने के लिए पहले गर्म किया जाता है और तुरंत ठंडा किया जाता है ताकि इसके अंदर से बैक्टीरिया और अशुद्धियां पूरी तरह निकल जाएं।
बड़ी बड़ी डेयरी प्रोडक्ट्स बेचने वाली कंपनियां हर दिन , हजारों किसानों से ताजा दूध खरीदती हैं। एकत्रित दूध को ग्रामीण इलाकों में फैले शीतलन केंद्रों (cold storage centres ) में स्थानांतरित किया जाता है। हर किसान के दूध की गुणवत्ता की जांच की जाती है। इसके लिए दो पैरामीटर फैट% और एसएनएफ% निर्धारित किये गए हैं। परीक्षण पूरा होने के बाद दूध को प्रसंस्करण इकाइयों( processing units ) को भेजा जाता है। प्रसंस्करण इकाइयों में, दूध को आगे की प्रक्रिया और पैकेजिंग में ले जाने से पहले और अधिक परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
आपके लिए यह जानना जरूरी है कि कौन-सा दूध आपके लिए सबसे सही है।
कच्चे दूध के शुद्ध होने पर बल्कि इसकी गुणवत्ता पर भरोसा करना थोड़ा मुश्किल है। कच्चे दूध का उत्पादन आमतौर पर ग्रामीण इलाकों से शहरी क्षेत्रों तक किया जाता है। इस दौरान कुछ बातें हैं जो इसे सवालों के घेरे में लेते हैं। जैसे-
क्या पशुओं का दूध निकालते समय साफ सफाई का ध्यान रखा गया ?
दूध निकालने के लिए पशुओं को कोई मेडिसीन या इंजेक्शन तो नहीं दिए गए?
घरों तक पहुंचाने वाले बर्तनों की साफ सफाई ठीक से की गई या नहीं ?
ये कुछ बातें लोकल डेयरी से लिए दूध की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगा सकती है । यदि आपका खरीदा हुआ दूध इन सभी पैमानों पर खरा उतरता है, तो आपके बच्चे की सेहत लिए फायदेमंद है वरना आपके परिवार के लिए यह नुकसानदायक भी हो सकता है।
इसके अलावा अगर बात करें पैकेट बंद दूध की, तो यह पाश्चुरीकृत और होमोजिनाइज़ दूध है। यानी इस दूध को तैयार करने के लिए पहले गर्म किया जाता है और तुरंत ठंडा किया जाता है ताकि इसके अंदर से बैक्टीरिया और अशुद्धियां पूरी तरह निकल जाएं।
बड़ी बड़ी डेयरी प्रोडक्ट्स बेचने वाली कंपनियां हर दिन , हजारों किसानों से ताजा दूध खरीदती हैं। एकत्रित दूध को ग्रामीण इलाकों में फैले शीतलन केंद्रों (cold storage centres ) में स्थानांतरित किया जाता है। हर किसान के दूध की गुणवत्ता की जांच की जाती है। इसके लिए दो पैरामीटर फैट% और एसएनएफ% निर्धारित किये गए हैं। परीक्षण पूरा होने के बाद दूध को प्रसंस्करण इकाइयों( processing units ) को भेजा जाता है। प्रसंस्करण इकाइयों में, दूध को आगे की प्रक्रिया और पैकेजिंग में ले जाने से पहले और अधिक परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
यह सब सुनिश्चित करता है कि आपको हर बार सर्वोत्तम गुणवत्ता और स्वादिष्ट दूध और दूध उत्पाद मिले ।

जानकारी अच्छी है
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